खेलों के लिहाज़ से वर्ष 2010 भारत के लिए काफ़ी अहम रहा. साल की शुरुआत से ही माना जा रहा था कि इस साल क्रिकेट के अलावा बाक़ी खेलों को भी भारत में एक पहचान मिलेगी. भारत साल 2010 में हॉकी विश्व कप और राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी करने वाला था.
भारत हॉकी में जब 2008 में बीजिंग ओलंपिक के लिए क्वॉलिफ़ाई भी नहीं कर सका तो देश में काफ़ी हाय-तौबा मची, ऐसे में साल के शुरू में दिल्ली में ही आयोजित हो रहे विश्व कप को लेकर काफ़ी उत्साह था.दिल्ली का मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम भारत के मैचों में भरा रहा मगर मुक़ाबले में भारत कहीं पीछे छूट गया.
राष्ट्रमंडल खेलों के फ़ाइनल और एशियाड के सेमीफ़ाइनल में पहुँची भारतीय टीम फ़िलहाल लंदन ओलंपिक के लिए क्वॉलिफ़ाई नहीं कर सकी है और इस बीच भारत को एक कोच की तलाश है.
विश्व कप के पहले ही मैच में भारत ने पाकिस्तान को 4-1 से हराकर प्रशंसकों के मन में उम्मीद जगाई थी मगर उसी मैच में शिवेंद्र सिंह को दो मैचों के लिए निलंबित कर दिया गया जिसका असर भारत के अगले प्रदर्शनों पर पड़ा.
भारत पाकिस्तान को हराने के बाद लगातार तीन मैच हरा जहाँ उसे पहले ऑस्ट्रेलिया ने फिर स्पेन ने और उसके बाद इंग्लैंड ने हराया. भारत अंतिम लीग मैच दक्षिण अफ़्रीका से 3-3 से ड्रॉ करा सका. अर्जेंटीना के विरुद्ध भारत 4-2 से हार गया और आठवें स्थान पर रहा.
भारत ने इसके बाद मलेशिया में सुल्तान अज़लान शाह हॉकी प्रतियोगिता में ऑस्ट्रेलिया की बी टीम के साथ ही पाकिस्तान को भी हराया. मगर फ़ाइनल में बारिश की वजह से भारत और दक्षिण कोरिया को संयुक्त विजेता घोषित किया गया.
भारत के लिए अगली चुनौती राष्ट्रमंडल खेलों की थी. भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया, उसे सेमीफ़ाइनल में जगह बनाने के लिए पाकिस्तान को हराना था जो उसने आसानी से 7-4 से किया और इंग्लैंड के साथ सेमीफ़ाइनल मैच तय हुआ.
सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड मज़बूत टीम मानी जा रही थी मगर भारत ने पेनल्टी शूट आउट में इंग्लैंड को 5-4 से हराकर राष्ट्रमंडल खेलों के हॉकी मुक़ाबले के फ़ाइनल में जगह बनाई.
फ़ाइनल तय हुआ ऑस्ट्रेलिया के साथ और उम्मीद थी कि भारत डटकर ऑस्ट्रेलिया का मुक़ाबला करेगा मगर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और 8-0 से भारत को हार मिली.
एशियाड
उस हार से उबरकर भारत को एशियाड में अच्छा प्रदर्शन करना था और वो ख़िताब का प्रबल दावेदार भी था.
भारत ने टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत भी की लीग स्टेज में पाकिस्तान को फिर हराया मगर सेमीफ़ाइनल में मलेशिया से भारत हार गया, जबकि पाकिस्तान ने टूर्नामेंट जीत लिया.
ओलंपिक में जगह बनाने के लिए एशियाड में स्वर्ण ज़रूरी था मगर उसकी जगह दक्षिण कोरिया को हराकर भारत ने काँस्य पदक जीता.
भारतीय महिला टीम के लिए ये वर्ष उतार चढ़ाव भरा रहा पहले तो यौन शोषण के आरोपों के बाद कोच एमके कौशिक को इस्तीफ़ा देना पड़ा और फिर टीम एक के बाद एक टूर्नामेंट हारती गई.
राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार भारत पदक से दूर रहा जबकि एशियाड में भी कहानी कुछ वैसी ही थी. महिला टीम ने पिछली बार राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था और वो एक बार पहले स्वर्ण तक जीत चुका था.
महिला टीम विश्व कप में भारत नौंवें स्थान पर रही.
वर्ष ख़त्म होने के साथ ही भारतीय पुरुष टीम के कोच होज़े ब्रासा का कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म हुआ और अभी टीम को एक कोच की तलाश है
भारत हॉकी में जब 2008 में बीजिंग ओलंपिक के लिए क्वॉलिफ़ाई भी नहीं कर सका तो देश में काफ़ी हाय-तौबा मची, ऐसे में साल के शुरू में दिल्ली में ही आयोजित हो रहे विश्व कप को लेकर काफ़ी उत्साह था.दिल्ली का मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम भारत के मैचों में भरा रहा मगर मुक़ाबले में भारत कहीं पीछे छूट गया.
राष्ट्रमंडल खेलों के फ़ाइनल और एशियाड के सेमीफ़ाइनल में पहुँची भारतीय टीम फ़िलहाल लंदन ओलंपिक के लिए क्वॉलिफ़ाई नहीं कर सकी है और इस बीच भारत को एक कोच की तलाश है.
विश्व कप के पहले ही मैच में भारत ने पाकिस्तान को 4-1 से हराकर प्रशंसकों के मन में उम्मीद जगाई थी मगर उसी मैच में शिवेंद्र सिंह को दो मैचों के लिए निलंबित कर दिया गया जिसका असर भारत के अगले प्रदर्शनों पर पड़ा.
भारत पाकिस्तान को हराने के बाद लगातार तीन मैच हरा जहाँ उसे पहले ऑस्ट्रेलिया ने फिर स्पेन ने और उसके बाद इंग्लैंड ने हराया. भारत अंतिम लीग मैच दक्षिण अफ़्रीका से 3-3 से ड्रॉ करा सका. अर्जेंटीना के विरुद्ध भारत 4-2 से हार गया और आठवें स्थान पर रहा.
भारत ने इसके बाद मलेशिया में सुल्तान अज़लान शाह हॉकी प्रतियोगिता में ऑस्ट्रेलिया की बी टीम के साथ ही पाकिस्तान को भी हराया. मगर फ़ाइनल में बारिश की वजह से भारत और दक्षिण कोरिया को संयुक्त विजेता घोषित किया गया.
भारत के लिए अगली चुनौती राष्ट्रमंडल खेलों की थी. भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया, उसे सेमीफ़ाइनल में जगह बनाने के लिए पाकिस्तान को हराना था जो उसने आसानी से 7-4 से किया और इंग्लैंड के साथ सेमीफ़ाइनल मैच तय हुआ.
सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड मज़बूत टीम मानी जा रही थी मगर भारत ने पेनल्टी शूट आउट में इंग्लैंड को 5-4 से हराकर राष्ट्रमंडल खेलों के हॉकी मुक़ाबले के फ़ाइनल में जगह बनाई.
फ़ाइनल तय हुआ ऑस्ट्रेलिया के साथ और उम्मीद थी कि भारत डटकर ऑस्ट्रेलिया का मुक़ाबला करेगा मगर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और 8-0 से भारत को हार मिली.
एशियाड
उस हार से उबरकर भारत को एशियाड में अच्छा प्रदर्शन करना था और वो ख़िताब का प्रबल दावेदार भी था.
भारत ने टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत भी की लीग स्टेज में पाकिस्तान को फिर हराया मगर सेमीफ़ाइनल में मलेशिया से भारत हार गया, जबकि पाकिस्तान ने टूर्नामेंट जीत लिया.
ओलंपिक में जगह बनाने के लिए एशियाड में स्वर्ण ज़रूरी था मगर उसकी जगह दक्षिण कोरिया को हराकर भारत ने काँस्य पदक जीता.
भारतीय महिला टीम के लिए ये वर्ष उतार चढ़ाव भरा रहा पहले तो यौन शोषण के आरोपों के बाद कोच एमके कौशिक को इस्तीफ़ा देना पड़ा और फिर टीम एक के बाद एक टूर्नामेंट हारती गई.
राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार भारत पदक से दूर रहा जबकि एशियाड में भी कहानी कुछ वैसी ही थी. महिला टीम ने पिछली बार राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था और वो एक बार पहले स्वर्ण तक जीत चुका था.
महिला टीम विश्व कप में भारत नौंवें स्थान पर रही.
वर्ष ख़त्म होने के साथ ही भारतीय पुरुष टीम के कोच होज़े ब्रासा का कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म हुआ और अभी टीम को एक कोच की तलाश है
0 comments:
Post a Comment