औद्योगिक विकास की दर में अगस्त से गिरावट आ रही है.निर्माण क्षेत्र या मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर में आई गिरावट की वजह से औद्योगिक विकास की दर में यह कमी आई है.हालांकि बुधवार को जारी किए गए आँकड़ों के अनुसार अक्तूबर, 2010 में औद्योगिक उत्पादन की दर 11.29 प्रतिशत थी.इन आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से नवंबर के बीच औद्योगिक विकास की दर 9.5 प्रतिशत थी जबकि एक साल पहले इसी काल के लिए औद्योगिक विकास दर 7.4 प्रतिशत थी.औद्योगिक विकास की दर जुलाई में बढ़कर 15 प्रतिशत तक पहुँच गई थी लेकिन अगस्त में गिरकर यह 6.9 प्रतिशत रह गई और अगस्त में और गिरकर 4.4 प्रतिशत ही रह गई.लेकिन नंबवर में यह दर गिरकर 2.3 प्रतिशत रह गई जबकि एक साल पहले नंवबर में औद्योगिक विकास की दर 12.3 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई थी.निर्माण क्षेत्र के अलावा खनन क्षेत्र में भी गिरावट दर की गई है और नवंबर, 2010 में विकास दर 6.0 दर्ज की गई है जबकि एक साल पहले विकास दर 10.7 प्रतिशत थी.
जानकारों का कहना है कि चूंकि औद्योगिक विकास दर में भारी गिरावट दिखाई दे रही है, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया अब इस असमंजस में होगी कि बढ़ती महंगाई पर क़ाबू पाने के लिए अपनी तिमाही समीक्षा के दौरान ब्याज़ के दरों में बढ़ोत्तरी करे या नहीं.
जानकारों का कहना है कि चूंकि औद्योगिक विकास दर में भारी गिरावट दिखाई दे रही है, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया अब इस असमंजस में होगी कि बढ़ती महंगाई पर क़ाबू पाने के लिए अपनी तिमाही समीक्षा के दौरान ब्याज़ के दरों में बढ़ोत्तरी करे या नहीं.
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