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Saturday, February 5, 2011

भारतीय मुद्रा

इस वर्ष भारतीय मुद्रा रुपए को अपनी पहचान मिली. आईआईटी मुंबई के शोध छात्र डी. उदय कुमार के डिज़ाइन को रुपए के प्रतीक के रूप में चुना गया.अब भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों में शामिल हो गया है जिनकी मुद्रा का अपना प्रतीक है.

-विप्रो के चेयरमैन अज़ीम प्रेमजी ने कुछ ऐसा किया जिसकी भारत में कोई मिसाल नहीं है.उन्होंने 8846 करोड़ रुपए दान में दिए. अज़ीम प्रेमजी ने विप्रो में अपने 21.3 करोड़ शेयर 'अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन' के नाम कर दिए.इस धन का इस्तेमाल मुख्य रूप से देश में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए किया जाएगा.

-‘ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल’ की इस वर्ष की रिपोर्ट के मुताबिक भारत 178 भ्रष्टतम देशों की सूची में तीन पायदान नीचे गिर कर 87वें नंबर पर आ गया है.पड़ोसी देश पाकिस्तान 143वें स्थान पर है.

-भारत की टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने जून 2010 में कुवैत की कंपनी ज़ेन टेलीकॉम के अफ़्रीकी व्यवसाय को ख़रीदने का समझौता पूरा किया.ये समझौता 10.7 बिलियन अमरीकी डॉलर यानी क़रीब 48,000 करोड़ रुपए में किया गया. ये किसी भी भारतीय कंपनी का टेलीकॉम के क्षेत्र में सबसे बड़ा अधिग्रहण है.

-मशहूर अमरीकी मोटरबाइक ब्रैंड हार्ले डेविडसन इस वर्ष से भारत में बनना शुरू हो गई है. साढ़े पांच से साढ़े छह लाख की क़ीमत वाली ये मोटरबाइक अगले वर्ष एक जनवरी से ख़रीद के लिए उपलब्ध होगी.विख्यात अमरीकी मोटरबाइक पहले भी भारत में उपलब्ध थी लेकिन उसे अब तक आयात किया जाता था. लेकिन आयात पर लगने वाले भारी कर की वजह से इसकी क़ीमत ज़्यादा थी. अब इसे हरियाणा में असेंबल किया जा रहा है.अब हार्ले डेविडसन के 'फ़ैट ब्वॉय', 'रोडस्टर' और 'रोड किंग' जैसे विश्व प्रसिद्ध मॉडल भारत में उपलब्ध होंगे.

-टाटा की लखटकिया कार नैनो की सुरक्षा को लेकर इस वर्ष सवाल उठे. कंपनी ने कहा कि उसने नैनो को और मज़बूत बनाने के लिए कार के एग्ज़ॉस्ट सिस्टम और इलेक्ट्रिकल सिस्टम में अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने का फ़ैसला किया है.नैनो के प्रचार के लिए अब टाटा मोटर्स टीवी चैनलों पर विज्ञापन अभियान भी चला रहा है.

-भारत में 2 जी स्पैक्ट्रम को लेकर मचे राजनीतिक बवाल के बीच इस वर्ष अप्रैल-मई में 3जी स्पैक्ट्रम लाइसेंसों के नीलामी लगी. इस नीलामी से सरकारी खजाने में 62 हज़ार करोड़ आएंगें.तीसरी पीढ़ी की इस टेक्नोलॉजी में टेलीकॉम कंपनियों को नई फ़्रीक्वेसीज़ मिलीं जिनके सहारे अब मोबाइल फ़ोनों पर वीडियो स्ट्रीमिंग और इंटरनेट कंटेट की गति में असाधारण वृद्धि होगी.कुल 22 सर्कलों के नौ अप्रैल से 19 मई तक बोलियां लगाईं गईं. नीलामी से आने वाली राशि सरकार की उम्मीदें से कहीं ज़्यादा है. साथ ही 3जी नीलामी ने एक बार फिर 2जी स्पैक्ट्रम आवंटन के तरीके को कठघरे में खड़ा कर दिया.
 
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