ईरान

Saturday, February 5, 2011

पिछले कई सालों की तरह 2010 में भी ईरान अमरीका और पूरी दुनिया को आँख दिखाता रहा और अपने परमाणु कार्यक्रम पर डटा हुआ है.

अमरीका ने एक अप्रत्याशित बयान में इस साल यहाँ तक कह दिया कि ईरान भविष्य में असैन्य ज़रूरतों के लिए यूरेनियम संवर्धन कर सकता है बशर्ते ईरान ये दर्शाए कि ये काम ज़िम्मेदारी से कर सकता है.
परमाणु मसला

    * संयुक्त राष्ट्र चाहता है कि ईरान 18 साल से चालू यूरेनियम संवर्धन का काम रोके
    * ईरान का कहना वो परमाणु बम नहीं बनाना चाहता,
    * संयुक्त राष्ट्र ने ईरान पर चार चरणों प्रतिबंध लगाए-2006,2007,2008,2010
    * ईरान ने अपने पहले परमाणु संयंत्र में रूसी परमाणु ईंधन से बिजली बनाना शुरु किया

अब तक अमरीका ने साफ़-साफ़ शब्दों में ऐसा कभी नहीं कहा था कि ईरान संवर्धन कर सकता है. परमाणु मसले पर  ईरान ने एक साल बाद जाकर दिसंबर में अंततराष्ट्रीय जगत से बात की है पर कोई नतीजा नहीं निकला.

इस बीच ईरान दावा कर रहा है कि वो देश में ही उत्पादित कच्चे क्लिक करें यूरेनियम का अपने परमाणु संयंत्र में प्रयोग करेगा यानी कहीं न कहीं ये संदेश देनी की कोशिश कि वो कच्चे माल को लेकर किसी का मोहताज नहीं रहेगा.

ईरान ने दो टूक शब्दों ने कह दिया है कि अगर ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाए जाते हैं तो बातचीत का कुछ फ़ायदा हो सकता है. हर बार की तरह ईरान और अंतरराष्ट्रीय जगत में परमाणु मसले पर शह और मात का खेल जारी है. अगली बातचीत जनवरी में होगी.
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