ईरान की तरह उत्तर कोरिया ने भी दुनिया को असमंजस में डाले रखा. दूसरा विश्व युद्ध ख़त्म होने के बाद पैदा हुई परिस्थितियों ने कोरिया को दो खेमों में बाँट दिया था. 1953 में कोरियाई युद्ध में बीस लाख जानों की क़ीमत पर बने दो राष्ट्र उत्तर और दक्षिण कोरिया.
कोरिया युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच 2010 में सबसे ज़्यादा तनाव देखा गया जब नवंबर में उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर तोपों से गोले दाग दिए जिसमें कुछ सैनिक भी मारे गए. इसके बाद कोरियाई प्रायद्वीप में माहौल तनावपूर्ण हो गया. इसी तनाव के बीच जापान और अमरीका के सबसे बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास ने स्थिति को और नाज़ुक बना दिया.
उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमरीका समेत अन्य देशों में चिंता है जबकि ईरान के मसले की ही तरह चीन अब भी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से उ.कोरिया के साथ खड़ा हुआ नज़र आता है.नवंबर में आई संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में संदेह भी जताया गया है कि उत्तर कोरिया परमाणु प्रसार में लगा हुआ है.
कोरिया युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच 2010 में सबसे ज़्यादा तनाव देखा गया जब नवंबर में उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर तोपों से गोले दाग दिए जिसमें कुछ सैनिक भी मारे गए. इसके बाद कोरियाई प्रायद्वीप में माहौल तनावपूर्ण हो गया. इसी तनाव के बीच जापान और अमरीका के सबसे बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास ने स्थिति को और नाज़ुक बना दिया.
उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमरीका समेत अन्य देशों में चिंता है जबकि ईरान के मसले की ही तरह चीन अब भी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से उ.कोरिया के साथ खड़ा हुआ नज़र आता है.नवंबर में आई संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में संदेह भी जताया गया है कि उत्तर कोरिया परमाणु प्रसार में लगा हुआ है.
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