शांति स्थापना के लिए उल्फा के शीर्ष नेताओं ने शुक्रवार को गृहमंत्री पी चिदंबरम से मुलाकात कर संगठन का मांगपत्र सौंपा। उल्फा के 32 सालों के इतिहास में सरकार संग पहली बार औपचारिक शांति वार्ता का यह पहला मौका है।
उल्फा प्रतिनिधिमंडल और उसके अध्यक्ष अरविंद राजखोवा ने चिदंबरम के साथ बैठक की। इसमें असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई भी मौजूद थे। राजखोवा ने चिदंबरम को संगठन का मांगपत्र सौंपा। हालांकि 40 मिनट की इस बैठक के दौरान रखी गई मांगों का खुलासा नहीं किया गया।
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में उल्फा ने अधिक स्वायत्तता,असम के लिए विशेष दर्जा और असम के नागरिकों की बेहतर सुरक्षा पर जोर दिया।
शांति स्थापना में एक अहम कदम: दोनों ही पक्षों की तरफ से शांति वार्ता स्थापित करने की दिशा में इसे एक अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है। गोगोई ने कहा,‘अगर कानून बदलने की जरूरत पड़ी तो हम वह भी करेंगे। लेकिन प्रदेश में शांति स्थापित करना हमारा पहला मकसद है।’
वापस आए अनूप चेतिया: 1997 से बांग्लादेश की हिरासत में उल्फा के महासचिव अनूप चेतिया को वापस लाने पर भी बात की गई। राजखोवा ने कहा,‘हम चाहते हैं कि सरकार अनूप चेतिया को वापस लाने के लिए बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाए। जिससे वह भी इस शांति वार्ता में भाग ले सके।’
उल्फा के शीर्ष नेताओ द्वारा शांति वार्ता
Saturday, August 6, 2011
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